नया क्रेडिट कार्ड(Credit Card) लेने से आपके क्रेडिट स्कोर पर कैसे पड़ता है असर? जान लीजिए पूरी जानकारी।
क्रेडिट कार्ड आज के दौर में सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण फाइनेंसियल टूल बन चुका है। चाहे ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो, किसी इमरजेंसी में पैसे की जरूरत हो या फिर दैनिक खर्चों को मैनेज करना हो क्रेडिट कार्ड बहुत काम आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नया क्रेडिट कार्ड लेने से आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है? अगर आप समझदारी से इसका उपयोग करें तो आपका क्रेडिट स्कोर काफी बेहतर हो सकता है, और गलत उपयोग से खराब भी हो सकता है। सबसे पहले हम बेसिक बात क्रेडिट स्कोर क्या होता है ये समझ लें फिर इनके प्रभाव के बारे में समझने में आसान होगा।
* क्रेडिट स्कोर क्या होता है ?
क्रेडिट स्कोर(जैसे सिविल स्कोर) एक 3-अंकों का रेटिंग होती है, जो 300 से 900 के बीच रहती है। यह आपकी उधार लेने और समय पर राशि वापस चुकाने की क्षमता को दर्शाता है। समझ लीजिए जैसे कि आप ऑफलाइन लोन लेते है और आप निर्धारित समय तक ब्याज समेत कुल राशि वापस जमा करते है किस्तों के हिसाब से सेम उसी तरह आप ये ऑनलाइन राशि उधार लेते है और समय पर राशि वापस जमा कराते हैं। यहां हम क्रेडिट स्कोर की अंकों की रेटिंग देखते हैं :-
• 750 से ऊपर का स्कोर बहुत अच्छा माना जाता है।
• 650-750 औसत से अच्छा
•650 से कम स्कोर कमजोर माना जाता है।
बैंक और वित्तीय संस्थान इसी स्कोर के आधार पर तय करते हैं कि आपको लोन दिया जाए या नहीं और कितना ब्याज रेट रखें।
नया क्रेडिट कार्ड लेने से क्रेडिट स्कोर पर कैसे असर पड़ता है?
1. हाई इंक्वायरी से स्कोर में हल्की गिरावट(Hard Inquiry Impact)
जब आप नया क्रेडिट कार्ड apply करते हैं, बैंक आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की जांच करता है जिसे हाई इंक्वायरी कहा जाता है। यह इंक्वायरी आपके स्कोर को थोड़ा प्रभावित करती है और सामान्यत: 5-10 पॉइंट्स तक स्कोर कम हो सकता है। हालांकि,यह गिरावट अस्थाई होती है। अगर एक समय में कई कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तब गिरावट ज्यादा हो सकती है।
2.क्रेडिट लिमिट बढ़ने से स्कोर में सुधार(Higher Credit Limit= Better Score)
नया क्रेडिट कार्ड मिलने पर आपकी कुल क्रेडिट लिमिट बढ़ जाती है।
उदाहरण के लिए: अगर आपके पास पहले एक कार्ड का लिमिट ₹50,000 थी और और अब दूसरा कार्ड ₹50,000 की लिमिट के साथ मिल गया तो आपकी कुल लिमिट ₹1,00,000 हो गई ।
इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियों कम हो जाता है। कम क्रेडिट उपयोग= बेहतर क्रेडिट स्कोर, आदर्श यूटिलाइजेशन 30% से कम होना चाहिए। इसलिए अगर आप जिम्मेदारी से खर्च करते हैं और लिमिट का कम उपयोग करते हैं, आपका स्कोर बेहतर होने लगता है।
3. रीपेमेंट हिस्ट्री बनाने का मौका(Build Positive Credit history)
नया क्रेडिट कार्ड आपको नई रीपेमेंट हिस्ट्री बनाने का मौका देता है। यदि आप हर महीने समय पर बिल भुगतान करते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से बढ़ता है।
आपके क्रेडिट स्कोर में 30-35% वेटेज आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री का होता है। इसलिए नया कार्ड का जिम्मेदारी से उपयोग करना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
4. अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट का फायदा(Credit Mix Improvement)
अगर आपके पास पहले से होम लोन या पर्सनल लोन है और अब आप क्रेडिट कार्ड जोड़ते हैं, तो आपका क्रेडिट मिक्स विविध(diversidified) हो जाता है। यह बैंक के लिए संकेत है कि आप अलग-अलग तरह के क्रेडिट को संभालने में सक्षम हैं। इससे आपके स्कोर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
5.ज्यादा कार्ड= ज्यादा खर्च होने का संभावना
हालांकि नया कार्ड स्कोर बढ़ा सकता है, लेकिन यह आपको अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित भी कर सकता है। अगर बैलेंस बढ़ता गया और भुगतान समय पर नहीं किया तो, आपका स्कोर काफी गिर सकता है।
• लेट पेमेंट
•मिनिमम पेमेंट करना
• कार्ड ओवरलिमिट करना
ये सभी चीजें आपके स्कोर को खराब कर देती हैं।


