Stock market view : मोमेंटम इंडिकेटर्स काफी नेगेटिव, शॉर्ट टर्म में 22500 तक फिसल सकता है निफ्टी
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भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव तेज हो गया है और निवेशकों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। खासतौर पर बेंचमार्क इंडेक्स NIFTY 50 के तकनीकी संकेतक (Momentum Indicators) फिलहाल कमजोर संकेत दे रहे हैं। कई मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मौजूदा दबाव जारी रहा तो निफ्टी शॉर्ट टर्म में 22,500 के स्तर तक फिसल सकता है। ऐसे में निवेशकों को सावधानी बरतने और रणनीति के साथ निवेश करने की जरूरत है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स क्यों दे रहे हैं नेगेटिव संकेत
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार बाजार की दिशा को समझने के लिए RSI, MACD, Moving Average जैसे कई मोमेंटम इंडिकेटर्स का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल इन इंडिकेटर्स में कमजोरी दिखाई दे रही है।
- RSI (Relative Strength Index) लगातार नीचे की ओर झुकाव दिखा रहा है।
- MACD में भी मंदी का क्रॉसओवर बनने की संभावना है।
- कई बड़े स्टॉक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहे हैं।
इन संकेतों से यह साफ है कि बाजार में फिलहाल खरीदारी का उत्साह कम और मुनाफावसूली ज्यादा देखने को मिल रही है।
23,000 के नीचे आया दबाव
हाल ही में निफ्टी 23,200 के आसपास से फिसलकर नीचे आया और 23,000 के आसपास दबाव में दिखा। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार अगर यह स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में काम नहीं करता तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए अगला मजबूत सपोर्ट 22,700 से 22,500 के बीच माना जा रहा है। अगर बाजार में बिकवाली तेज होती है तो इंडेक्स इस दायरे तक आ सकता है।
ग्लोबल संकेत भी कर रहे हैं असर
भारतीय बाजार पर ग्लोबल मार्केट्स का असर साफ दिख रहा है। दुनिया भर में कई आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाएं बाजार की दिशा तय कर रही हैं।
कुछ प्रमुख कारण:
- मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
- विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली
जब भी विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालते हैं तो बाजार में दबाव बढ़ जाता है। पिछले कुछ सत्रों में एफआईआई की बिकवाली ने भी सेंटीमेंट को कमजोर किया है।
सेक्टरों में दिख रही है कमजोरी
इस गिरावट का असर कई सेक्टरों में देखा जा रहा है। खासतौर पर:
- आईटी सेक्टर
- बैंकिंग स्टॉक्स
- मेटल कंपनियां
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर
हालांकि कुछ सेक्टर जैसे FMCG और फार्मा अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन समग्र बाजार का मूड फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
क्या 22,500 तक जा सकता है निफ्टी?
कई टेक्निकल एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर बाजार में खरीदारी जल्द वापस नहीं आती तो निफ्टी 22,500 के स्तर तक फिसल सकता है।
तकनीकी चार्ट के अनुसार:
- 23,000 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है
- 22,800 पर पहला सपोर्ट
- 22,500 के आसपास मजबूत सपोर्ट
अगर यह स्तर भी टूटता है तो बाजार में और बड़ी गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि यह गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मौके भी पैदा कर सकती है।
निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए
ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि निवेशक घबराहट में फैसले न लें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है।
कुछ अहम रणनीतियां:
1. क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करें
मजबूत बैलेंस शीट और अच्छी ग्रोथ वाली कंपनियों में निवेश सुरक्षित माना जाता है।
2. SIP जारी रखें
म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपनी SIP जारी रखनी चाहिए। गिरावट में औसत लागत कम हो जाती है।
3. शॉर्ट टर्म ट्रेड में सावधानी
अत्यधिक वोलाटिलिटी के दौरान ट्रेडिंग जोखिम भरी हो सकती है।
4. स्टॉप लॉस जरूर लगाएं
ट्रेडर्स के लिए स्टॉप लॉस लगाना बेहद जरूरी है ताकि बड़ी नुकसान से बचा जा सके।
क्या गिरावट के बाद आएगी तेजी?
इतिहास बताता है कि बाजार में हर गिरावट के बाद रिकवरी भी आती है। कई बार बड़ी तेजी से पहले बाजार में करेक्शन देखने को मिलता है।
अगर घरेलू आर्थिक आंकड़े मजबूत रहते हैं, कंपनियों के नतीजे बेहतर आते हैं और विदेशी निवेश वापस आता है तो बाजार में तेजी लौट सकती है।
भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बाजार का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
निष्कर्ष
फिलहाल शेयर बाजार में सावधानी का दौर चल रहा है और मोमेंटम इंडिकेटर्स कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। अगर बिकवाली जारी रहती है तो निफ्टी शॉर्ट टर्म में 22,500 के स्तर तक फिसल सकता है।
हालांकि यह गिरावट घबराने की वजह नहीं बल्कि समझदारी से निवेश करने का मौका भी हो सकती है। निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि का निवेश भविष्य में अच्छे रिटर्न दे सकता है। इसलिए धैर्य, अनुशासन और सही रणनीति ही इस समय निवेशकों के लिए सबसे बड़ा हथियार है।
