Bitcoin rallies past $97,000 as investors seek haven assets

$97,000 के पार बिटकॉइन: सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों की नई पसंद बना क्रिप्टो किंग

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। हालिया कारोबार में बिटकॉइन की कीमत $97,000 के पार निकल गई, जिससे क्रिप्टो बाजार में उत्साह की लहर दौड़ गई। खास बात यह है कि यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्पों के साथ-साथ नए ‘सेफ हेवन’ की तलाश में हैं। इसी कड़ी में बिटकॉइन को एक बार फिर “डिजिटल गोल्ड” के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों बढ़ रही है बिटकॉइन की कीमत?

बिटकॉइन की इस तेज़ रैली के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर असमंजस, भू-राजनीतिक तनाव, और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक उन एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिन्हें महंगाई और आर्थिक संकट से अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।पहले यह भूमिका सोने की हुआ करती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बिटकॉइन ने भी खुद को एक वैकल्पिक सुरक्षित संपत्ति के रूप में स्थापित किया है। सीमित सप्लाई (केवल 21 मिलियन बिटकॉइन), विकेंद्रीकृत प्रकृति और सरकारों के नियंत्रण से बाहर होने के कारण बिटकॉइन को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

बिटकॉइन की कीमत में आई इस उछाल के पीछे संस्थागत निवेशकों की भूमिका भी बेहद अहम है। बड़े-बड़े फंड हाउस, हेज फंड्स और यहां तक कि कुछ पेंशन फंड्स ने भी अपने पोर्टफोलियो में बिटकॉइन को शामिल करना शुरू कर दिया है। बिटकॉइन ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) को मिली मंजूरी और उनमें हो रही लगातार इनफ्लो ने बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया है।संस्थागत निवेशकों की एंट्री से बिटकॉइन को न सिर्फ स्थिरता मिली है, बल्कि इसकी वैधता (legitimacy) भी बढ़ी है। यही वजह है कि अब बिटकॉइन को केवल एक सट्टा साधन नहीं, बल्कि एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखा जा रहा है।

डॉलर और महंगाई से बचाव का जरिया

अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और बढ़ती महंगाई भी बिटकॉइन की मांग बढ़ने का एक बड़ा कारण है। जब डॉलर कमजोर होता है या महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो निवेशक अपनी पूंजी की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करते हैं। बिटकॉइन, जिसकी सप्लाई पहले से तय है, इस लिहाज से एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरता है।कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो बिटकॉइन की मांग और भी बढ़ सकती है। यही उम्मीद निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर भी खरीदारी के लिए प्रेरित कर रही है।रिटेल निवेशकों में भी जोशसंस्थागत निवेश के साथ-साथ रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। सोशल मीडिया, क्रिप्टो ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मदद से आम निवेशकों के लिए बिटकॉइन में निवेश करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। कीमत $97,000 के पार जाने से ‘FOMO’ यानी Fear of Missing Out भी देखने को मिल रहा है, जहां निवेशक तेजी छूट न जाए, इस डर से खरीदारी कर रहे हैं।हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहे हैं, क्योंकि बिटकॉइन की कीमतों में उतार-चढ़ाव बहुत तेज हो सकता है।

आगे का रास्ता: $100,000 का स्तर?

अब बाजार की नजरें $100,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर टिकी हुई हैं। अगर मौजूदा रुझान जारी रहता है और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां बिटकॉइन के पक्ष में बनी रहती हैं, तो यह स्तर जल्द ही देखने को मिल सकता है। कई एनालिस्ट्स का मानना है कि $97,000 के ऊपर टिके रहना बिटकॉइन के लिए एक मजबूत संकेत है।हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि इतनी तेज़ रैली के बाद मुनाफावसूली (profit booking) देखने को मिल सकती है, जिससे अल्पकाल में कीमतों में गिरावट आ सकती है।

निवेशकों के लिए क्या है सीख?

बिटकॉइन की मौजूदा तेजी यह दिखाती है कि अब क्रिप्टोकरेंसी केवल एक ट्रेंड नहीं रही, बल्कि वैश्विक निवेश परिदृश्य का अहम हिस्सा बन चुकी है। फिर भी, यह याद रखना जरूरी है कि बिटकॉइन एक हाई-रिस्क एसेट है। इसमें निवेश करने से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल, निवेश अवधि और वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

$97,000 के पार बिटकॉइन की यह रैली साफ संकेत देती है कि अनिश्चित समय में निवेशक सुरक्षित और वैकल्पिक संपत्तियों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘डिजिटल गोल्ड’ की छवि को मजबूत करते हुए बिटकॉइन ने एक बार फिर साबित किया है कि वह सिर्फ एक क्रिप्टोकरेंसी नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक वित्तीय सिस्टम का प्रतीक बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बिटकॉइन $100,000 के आंकड़े को पार कर एक नया इतिहास रचता है या बाजार कुछ समय के लिए सांस लेता है।

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