8 equity mutual funds cross Rs 70,000 crore AUM in December; Parag Parikh Flexi Cap Fund stands first

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भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए दिसंबर का महीना एक बड़ी उपलब्धि लेकर आया है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पहली बार 70,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और लंबी अवधि की निवेश सोच को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है Parag Parikh Flexi Cap Fund ने, जिसने इक्विटी फंड्स की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती ताकतपिछले कुछ वर्षों में भारतीय निवेशकों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां लोग फिक्स्ड डिपॉजिट, गोल्ड या रियल एस्टेट को ही सुरक्षित निवेश मानते थे, वहीं अब इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को लंबी अवधि में संपत्ति बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।दिसंबर में इक्विटी फंड्स का AUM 70,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करना इस बात का सबूत है कि निवेशक बाजार की उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट पर भरोसा बनाए हुए हैं।इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:शेयर बाजार की लंबी अवधि की मजबूत ग्रोथSIP निवेश में लगातार बढ़ोतरीरिटेल निवेशकों की भागीदारीफंड मैनेजर्स का बेहतर परफॉर्मेंस और पारदर्शिता

Parag Parikh Flexi Cap Fund क्यों बना नंबर 1?

जब बात टॉप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की होती है, तो Parag Parikh Flexi Cap Fund का नाम सबसे पहले लिया जा रहा है। इस फंड ने न केवल शानदार रिटर्न दिए हैं, बल्कि जोखिम प्रबंधन और लॉन्ग टर्म विजन के मामले में भी निवेशकों का दिल जीता है।

1. फ्लेक्सी कैप स्ट्रैटेजी का फायदा:

यह फंड लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप—तीनों में निवेश की आज़ादी रखता है। बाजार की स्थिति के अनुसार पोर्टफोलियो में बदलाव करने की क्षमता इसे बाकी फंड्स से अलग बनाती है।

2. ग्लोबल एक्सपोजर:

Parag Parikh Flexi Cap Fund की सबसे बड़ी खासियत है इसका विदेशी शेयरों में निवेश। यह फंड भारतीय बाजार के साथ-साथ चुनिंदा ग्लोबल कंपनियों में भी निवेश करता है, जिससे निवेशकों को डाइवर्सिफिकेशन का अतिरिक्त फायदा मिलता है।

3. वैल्यू इन्वेस्टिंग अप्रोच:

यह फंड शॉर्ट टर्म ट्रेंड के बजाय वैल्यू इन्वेस्टिंग पर फोकस करता है। मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों में निवेश करके यह लंबी अवधि में स्थिर और बेहतर रिटर्न देने की कोशिश करता है।

दिसंबर में AUM बढ़ने के पीछे क्या कारण रहे?

दिसंबर 2025 (या हालिया अवधि) में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के AUM में जबरदस्त उछाल देखा गया।

इसके पीछे कई अहम वजहें रहीं:

•SIP इनफ्लो रिकॉर्ड स्तर पर: हर महीने करोड़ों निवेशक नियमित रूप से SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं।

बाजार में सुधार और स्थिरता: उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी का मौका माना।

लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग: रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा और वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी फंड्स को प्राथमिकता दी जा रही है।

•निवेशकों के लिए क्या संकेत है यह उपलब्धि?

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का AUM 70,000 करोड़ रुपये के पार जाना केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह निवेशकों के लिए कई सकारात्मक संकेत देता है:भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री और अधिक मजबूत हो रही हैनिवेशक अब भावनाओं के बजाय अनुशासित निवेश पर भरोसा कर रहे हैंलंबी अवधि में इक्विटी निवेश से बेहतर रिटर्न की संभावनाएं बनी हुई हैं

क्या अभी निवेश करना सही रहेगा?

यह सवाल हर निवेशक के मन में होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मार्केट टाइमिंग से ज्यादा जरूरी है टाइम इन द मार्केट। अगर आप SIP के जरिए नियमित निवेश करते हैं और आपका निवेश लक्ष्य लंबी अवधि का है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स अभी भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

*हालांकि, निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

•अपनी जोखिम क्षमता (Risk Appetite) समझें

•निवेश का लक्ष्य और समय सीमा तय करें

•जरूरत पड़ने पर फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें

निष्कर्ष

दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का AUM 70,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचना भारतीय निवेश बाजार के लिए एक ऐतिहासिक पल है। इसमें Parag Parikh Flexi Cap Fund का टॉप पोजीशन हासिल करना यह साबित करता है कि सही रणनीति, अनुशासित निवेश और लंबी अवधि की सोच से शानदार परिणाम मिल सकते हैं।अगर आप भी वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सीखने, समझने और सही विकल्प चुनने का है—क्योंकि सही फंड के साथ किया गया निवेश भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है।

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