2 पर 1 शेयर बोनस, 19% चढ़ा यह सस्ता स्टॉक, कीमत 50 रुपये से कम
|
Getting your Trinity Audio player ready...
|
शेयर बाजार में जब भी बोनस शेयर की घोषणा होती है, तो निवेशकों की नजर तुरंत उस स्टॉक पर टिक जाती है। खासकर जब कोई 50 रुपये से कम कीमत वाला सस्ता स्टॉक 2 पर 1 बोनस देने का ऐलान करे और उसके बाद करीब 19% की तेजी दिखा दे, तो चर्चा और भी तेज हो जाती है। ऐसे ही एक स्टॉक ने हाल ही में बाजार में हलचल मचा दी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह खबर क्यों खास है, बोनस शेयर का मतलब क्या होता है और निवेशकों के लिए इसमें क्या संकेत छिपे हैं।
2 पर 1 बोनस शेयर का मतलब क्या है?
सबसे पहले बोनस शेयर को आसान भाषा में समझते हैं।2 पर 1 बोनस का अर्थ है कि अगर आपके पास कंपनी के 2 शेयर हैं, तो आपको 1 अतिरिक्त शेयर मुफ्त मिलेगा। यानी कुल मिलाकर आपके शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी, हालांकि कंपनी में आपकी हिस्सेदारी का मूल्य उसी अनुपात में एडजस्ट हो जाता है।
उदाहरण के तौर पर,अगर किसी निवेशक के पास 100 शेयर हैं, तो बोनस के बाद उसके पास 150 शेयर हो जाएंगे। इससे शेयरों की संख्या बढ़ती है, जिससे लिक्विडिटी सुधरती है और छोटे निवेशकों के लिए स्टॉक और ज्यादा आकर्षक बन जाता है।
बोनस ऐलान के बाद क्यों आई 19% की तेजी?
इस सस्ते स्टॉक में आई 19% की उछाल सिर्फ संयोग नहीं है। इसके पीछे कई वजहें होती हैं:
•निवेशकों का भरोसा बढ़ना
• बोनस शेयर आमतौर पर वही कंपनियां देती हैं, जिनकी बैलेंस शीट मजबूत होती है और जो भविष्य को लेकर आश्वस्त होती हैं। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।
•रिटेल निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी:
50 रुपये से कम कीमत वाला स्टॉक पहले से ही छोटे निवेशकों को आकर्षित करता है। बोनस की खबर आते ही डिमांड और बढ़ जाती है।
•साइकोलॉजिकल: निवेशकों को लगता है कि उन्हें “फ्री शेयर” मिल रहे हैं, भले ही असल में वैल्यू एडजस्ट हो जाती है। यही सोच शेयर में तेजी ला देती है।ट्रेडिंग वॉल्यूम में उछाल
बोनस की घोषणा के बाद स्टॉक में खरीदारी बढ़ती है, जिससे कीमत तेजी से ऊपर जाती है।50 रुपये से कम का स्टॉक क्यों कहलाता है सस्ता? शेयर बाजार में सस्ता या महंगा होना सिर्फ कीमत से तय नहीं होता, बल्कि कंपनी की फंडामेंटल वैल्यू से जुड़ा होता है। लेकिन फिर भी, 50 रुपये से कम कीमत वाला स्टॉक आमतौर पर: छोटे निवेशकों की पहुंच में होता है
कम पूंजी में ज्यादा शेयर खरीदने का मौका देता है
ट्रेडिंग के लिहाज से ज्यादा एक्टिव रहता हैहालांकि, जरूरी नहीं कि हर सस्ता स्टॉक अच्छा ही हो। इसलिए सिर्फ कीमत देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं मानी जाती।
क्या बोनस शेयर वाकई निवेशकों के लिए फायदेमंद हैं?
बोनस शेयर सीधे तौर पर आपकी कुल संपत्ति नहीं बढ़ाते, लेकिन इसके कुछ अहम फायदे जरूर होते हैं:
•शेयरों की संख्या बढ़ती है, जिससे भविष्य में मुनाफे की संभावना बढ़ सकती है
•लिक्विडिटी बेहतर होती है, यानी खरीद–फरोख्त आसान हो जाती है
•कंपनी की पॉजिटिव सिग्नलिंग होती है कि मैनेजमेंट भविष्य को लेकर आशावादी कारण है कि बोनस शेयर की खबर बाजार में अक्सर पॉजिटिव रिएक्शन लाती है।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
अगर आप भी ऐसे किसी स्टॉक में निवेश करने की सोच रहे हैं, जिसने बोनस ऐलान के बाद जोरदार तेजी दिखाई हो, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें:
•कंपनी की फंडामेंटल स्थिति जांचें
•मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो और बिजनेस मॉडल को समझना जरूरी है।केवल बोनस के भरोसे निवेश न करें
•कई बार बोनस के बाद स्टॉक में मुनाफा
•वसूली भी देखने को मिलती है।लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म लक्ष्य अलग रखें
•अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो कंपनी की ग्रोथ स्टोरी ज्यादा अहम है।
•जोखिम प्रबंधन जरूरी है
•सस्ते शेयर ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखा सकते हैं, इसलिए निवेश राशि सोच-समझकर लगाएं।
आगे क्या रह सकता है इस स्टॉक का ट्रेंड?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बोनस शेयर के बाद स्टॉक में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, अगर कंपनी के नतीजे मजबूत रहे और बिजनेस में ग्रोथ जारी रही, तो लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।वहीं, अगर तेजी सिर्फ खबरों के दम पर आई है और फंडामेंटल सपोर्ट कमजोर है, तो कीमत में करेक्शन भी देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
2 पर 1 बोनस शेयर और उसके बाद 19% की तेजी ने इस 50 रुपये से कम कीमत वाले स्टॉक को बाजार की सुर्खियों में ला दिया है। बोनस की घोषणा निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत जरूर है, लेकिन सिर्फ इसी आधार पर निवेश का फैसला लेना समझदारी नहीं होगी।शेयर बाजार में सफलता के लिए जरूरी है कि आप भावनाओं के बजाय तथ्यों पर भरोसा करें, कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझें और अपने निवेश लक्ष्य के अनुसार रणनीति बनाएं। सही रिसर्च और धैर्य के साथ किया गया निवेश ही लंबे समय में अच्छा रिटर्न दे सकता है।
