होर्मुज बंद, LPG के बढ़ते संकट में दूर के दोस्त ने बढ़ाया मदद का हाथ, भर-भरकर भेज रहा जहाज…कहां-कहां से गैस खरीदता है भारत
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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लगभग ठप होने से भारत इस समय अपने सबसे बड़े LPG (रसोई गैस) संकट का सामना कर रहा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और इसकी सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। ऐसे में जब यह रास्ता बाधित हुआ, तो देश में गैस की उपलब्धता, कीमत और सप्लाई—तीनों पर असर पड़ा।
लेकिन इस संकट के बीच “दूर के दोस्त”—जैसे अमेरिका, रूस और अन्य देशों—ने भारत की मदद के लिए अपने जहाज भेजने शुरू कर दिए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह संकट क्या है और भारत LPG किन-किन देशों से खरीदता है।
🔥 क्यों खड़ा हुआ LPG संकट?
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 60% आयात करता है।
इन आयातों में से करीब 90% पश्चिम एशिया (Middle East) से आता है और अधिकतर सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है।
हालिया युद्ध और तनाव के कारण:
- होर्मुज मार्ग लगभग बंद हो गया
- कई टैंकर फंस गए
- सप्लाई अचानक घट गई
नतीजा:
👉 भारत की करीब 50% से ज्यादा LPG सप्लाई पर सीधा असर पड़ा
👉 यह दशकों का सबसे बड़ा गैस संकट बन गया
🚢 “दूर के दोस्त” कैसे कर रहे मदद?
संकट के बीच भारत ने अपनी रणनीति बदली और अब दूर-दराज के देशों से LPG मंगाना शुरू किया।
प्रमुख मददगार देश:
- 🇺🇸 अमेरिका
- 🇷🇺 रूस
- 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया
- 🇨🇦 कनाडा
- 🇦🇷 अर्जेंटीना
- 🇳🇴 नॉर्वे
इन देशों से जहाजों के जरिए LPG भेजी जा रही है।
👉 रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने 8 लाख टन LPG अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से सुरक्षित कर ली है
👉 अमेरिका से आने वाला LPG अब 7-8 दिन नहीं, बल्कि 45 दिन के लंबे रास्ते से पहुंच रहा है
यानी सप्लाई मिल रही है, लेकिन समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं।
🌍 भारत किन-किन देशों से LPG खरीदता है?
1. 🌏 पारंपरिक सप्लायर (Middle East)
भारत का LPG आयात मुख्य रूप से इन देशों से होता है:
- 🇶🇦 कतर – ~34%
- 🇦🇪 UAE – ~26%
- 🇰🇼 कुवैत – ~8%
- 🇸🇦 सऊदी अरब – पहले बड़ा सप्लायर
👉 ये सभी सप्लाई होर्मुज के रास्ते से आती थी, इसलिए संकट सबसे ज्यादा यहीं से शुरू हुआ।
2. 🌎 नए और वैकल्पिक सप्लायर
संकट के बाद भारत ने इन देशों से LPG खरीदना बढ़ाया:
- 🇺🇸 अमेरिका (सबसे बड़ा विकल्प बन रहा है)
- 🇷🇺 रूस (तेल के साथ गैस भी)
- 🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया
- 🇨🇦 कनाडा
- 🇩🇿 अल्जीरिया
- 🇦🇷 अर्जेंटीना
👉 अब भारत का लक्ष्य है कि Middle East पर निर्भरता कम की जाए।
3. 🛢️ ईरान से भी फिर शुरू खरीद
हालिया घटनाओं में भारत ने कई साल बाद ईरान से भी LPG खरीदी, जो पहले चीन के लिए जा रही थी।
👉 यह दिखाता है कि संकट में भारत हर विकल्प का इस्तेमाल कर रहा है।
🚨 वर्तमान स्थिति: कितनी गंभीर है समस्या?
- मार्च में LPG आयात लगभग 46% तक गिर सकता है
- कई जहाज अभी भी खाड़ी में फंसे हुए हैं
- घरेलू खपत के लिए सरकार ने उद्योगों की गैस कटौती की
- सिर्फ 10–30 दिन का स्टॉक बचा होने की खबरें
👉 हालांकि सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और सप्लाई मैनेज की जा रही है।
🏭 भारत ने क्या कदम उठाए?
1. घरेलू उत्पादन बढ़ाया
- रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
- उत्पादन में 25–40% तक बढ़ोतरी
2. सप्लाई को प्राथमिकता
- घरेलू (घर) उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
- होटल/उद्योगों की सप्लाई कम
3. नए सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट
- अमेरिका से लंबी अवधि के समझौते
- कई देशों से नए आयात सौदे
4. वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा
- पाइप गैस (PNG)
- इलेक्ट्रिक कुकिंग
⚠️ आम लोगों पर असर
- सिलेंडर की कीमत बढ़ने की आशंका
- कुछ जगहों पर काला बाज़ार
- लंबी वेटिंग और देरी
👉 रिपोर्ट्स में ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹4000 तक बिकने की बात भी सामने आई
🔮 आगे क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
- यह संकट भारत के लिए चेतावनी है
- ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविधता जरूरी है
- Middle East पर निर्भरता कम करनी होगी
👉 भविष्य में भारत:
- अधिक LNG और PNG पर फोकस करेगा
- घरेलू उत्पादन बढ़ाएगा
- नए देशों के साथ दीर्घकालिक समझौते करेगा
📝 निष्कर्ष
होर्मुज संकट ने भारत की ऊर्जा निर्भरता की असली तस्वीर सामने ला दी है। जहां एक तरफ Middle East पर अत्यधिक निर्भरता ने देश को मुश्किल में डाल दिया, वहीं दूसरी तरफ “दूर के दोस्त”—अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने मदद का हाथ बढ़ाकर संकट को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई है।
यह घटना भारत के लिए सिर्फ एक संकट नहीं, बल्कि ऊर्जा रणनीति बदलने का मौका भी है। अगर भारत इस मौके का सही उपयोग करता है, तो भविष्य में ऐसे झटकों से काफी हद तक बच सकता है।
