गुर्दे की पथरी के कारण, लक्षण और उपचार – पूरी जानकारी

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गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) आज के समय में एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या बन चुकी है। गलत खान-पान, कम पानी पीना और अनियमित जीवनशैली इसकी मुख्य वजह मानी जाती है। चिकित्सकीय भाषा में इसे Nephrothiasis कहा जाता है। यह समस्या तब होती है जब शरीर में मौजूद खनिज और लवण आपस में मिलकर कठोर कण (स्टोन) बना लेते हैं, जो गुर्दे में जमा हो जाते हैं।

आइए विस्तार से जानते हैं इसके कारण, लक्षण और प्रभावी उपचार।


गुर्दे की पथरी क्या है?

गुर्दे हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं, जो खून को फिल्टर करके अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालते हैं। जब पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सलेट या यूरिक एसिड जैसे तत्व अधिक मात्रा में जमा हो जाते हैं, तो ये क्रिस्टल बनाकर पथरी का रूप ले लेते हैं। यह पथरी छोटी रेत के कण जितनी भी हो सकती है और कई बार गोल्फ बॉल के आकार तक भी पहुंच सकती है।


गुर्दे की पथरी के प्रमुख कारण

1. कम पानी पीना

यदि आप दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे खनिज पदार्थ जमा होकर पथरी बना सकते हैं।

2. गलत खान-पान

ज्यादा नमक, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड और प्रोटीन की अधिक मात्रा पथरी के खतरे को बढ़ाती है।

3. कैल्शियम और ऑक्सलेट की अधिकता

पालक, चाय, चॉकलेट और कुछ बीजों में ऑक्सलेट अधिक होता है, जो कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बना सकता है।

4. पारिवारिक इतिहास

यदि परिवार में किसी को पहले से पथरी रही है, तो आपको भी इसका खतरा अधिक हो सकता है।

5. मोटापा और डायबिटीज

अत्यधिक वजन और मधुमेह भी पथरी बनने की संभावना बढ़ाते हैं।

6. कुछ दवाइयाँ

कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी गुर्दे में पथरी बन सकती है।


गुर्दे की पथरी के लक्षण

गुर्दे की पथरी का दर्द अचानक और तेज होता है। इसे प्रसव पीड़ा से भी ज्यादा दर्दनाक बताया जाता है।

मुख्य लक्षण:

  • कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द
  • पेट के एक तरफ असहनीय दर्द
  • पेशाब में जलन
  • बार-बार पेशाब आना
  • पेशाब में खून आना
  • उल्टी और मतली
  • बुखार (संक्रमण होने पर)

यदि पथरी छोटी हो, तो कई बार बिना लक्षण के भी पेशाब के जरिए बाहर निकल जाती है। लेकिन बड़ी पथरी मूत्र मार्ग में फंसकर गंभीर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकती है।


गुर्दे की पथरी के प्रकार

  1. कैल्शियम स्टोन – सबसे आम प्रकार
  2. यूरिक एसिड स्टोन – ज्यादा प्रोटीन लेने वालों में
  3. स्ट्रुवाइट स्टोन – संक्रमण के कारण
  4. सिस्टीन स्टोन – दुर्लभ और आनुवंशिक

गुर्दे की पथरी का उपचार

उपचार पथरी के आकार, स्थान और लक्षणों पर निर्भर करता है।

1. ज्यादा पानी पीना

छोटी पथरी के लिए डॉक्टर दिन में 3–4 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं, ताकि स्टोन प्राकृतिक रूप से बाहर निकल जाए।

2. दवाइयाँ

दर्द कम करने और पथरी को घुलाने के लिए दवाइयाँ दी जाती हैं।

3. शॉक वेव थेरेपी

बड़ी पथरी को तोड़ने के लिए  (ESWL) तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसमें बाहरी शॉक वेव से पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।

4. सर्जरी

यदि पथरी बहुत बड़ी हो या मूत्र मार्ग में फंस गई हो, तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।


घरेलू उपाय (डॉक्टर की सलाह के साथ)

  • नींबू पानी का सेवन
  • नारियल पानी पीना
  • तुलसी के पत्तों का रस
  • सेब का सिरका (सीमित मात्रा में)

ये उपाय छोटी पथरी में सहायक हो सकते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।


गुर्दे की पथरी से बचाव कैसे करें?

✔ रोजाना 8–10 गिलास पानी पिएं
✔ नमक और फास्ट फूड कम करें
✔ संतुलित आहार लें
✔ नियमित व्यायाम करें
✔ पेशाब को ज्यादा देर तक न रोकें
✔ साल में एक बार हेल्थ चेकअप कराएं


कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

  • तेज और लगातार दर्द
  • पेशाब में खून
  • तेज बुखार और ठंड लगना
  • पेशाब रुक जाना

ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाएं, क्योंकि यह संक्रमण या किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है।


निष्कर्ष

गुर्दे की पथरी एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, जिसे सही जानकारी और सावधानी से रोका जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना इसका सबसे प्रभावी बचाव है। यदि समय रहते उपचार न किया जाए तो यह समस्या जटिल हो सकती है। इसलिए लक्षण दिखते ही विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

स्वस्थ रहें, जागरूक रहें!

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